Rajasthan Farmer Scheme, Farmer all Scheme, PM Fasal Bima Yojana, राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना, प्याज भण्डारण, All Scheme on One Click



उधान विभाग द्वारा कृषकों को देय सुविधाएं

1. प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना (सूक्ष्म सिंचाई):-

कृषकों विभाग द्वारा बूंद-बूंद सिंचाई /मिनि-स्प्रींकलर/स्प्रिकलर सामान्य श्रेणी कृषकों को इकाई लागत का 50 प्रतिषत एवं लघु व सीमांत श्रेणी के कृषकों 70 प्रतिषत अनुदान देय है। एक कृषक 0.4 से 5 हैक्टर तक अनुदान देय है।



2. राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना:-



  1. सामुदायिक जल स्रोत:-

इस योजनान्तर्गत कृषक समूह द्वारा 10 हैक्टर केचमेट क्षेत्र हेतु 100X100X3 मीटर आकार के ऑन फार्म पौण्डस के निर्धारित BIS मापदण्ड की न्युनतम 500 माईक्रोन प्लास्टिक सीट/RCC Lining से निर्माण पर इकाई लागत का 20.00 लाख रूपये प्रति इकाई का प्रतिशत या अन्य छोटी साईज के जलस्रोत निर्माण पर केचमेट क्षेत्र के अनुसार यथाअनुपात अनुदान देय है।

   2. फलदार बगीचा:-

इस योजनान्तर्गत जिलेवार चयनित बागवानी फसलों के नये फलदार बगीचों की स्थापना पर इकाई लागत का 50 प्रतिषत या अधिकतम राषि 30000/- रूपये तक अनुदान देय है। एक कृषक को 0.4 से 4 हैक्टर के लिए अनुदान देय है।

  3. संरक्षित खेती:-

ग्रीन हाऊस एवं शेडनेट हाऊस निर्माण हेतु निर्धारित इकाई लागत का सामान्य श्रेणी के कृषको को 50 प्रतिषत एवं लघु व सीमांत श्रेणी के कृषकों 70 प्रतिषत अनुदान देय है। एक कृषक को 1000 वर्गमीटर से 4000 वर्गमीटर के लिए अनुदान देय है। अधिकतम आकार की इकाई लागत 33.76 लाख है।

  4. प्याज भण्डारण:-

इस योजनान्तर्गत प्याज की खेती करने वाले कृषको को 25 मेट्रिक टन क्षमता के प्याज भंडारण पर लागत का 50 प्रतिषत या अधिकतम 85000/- रूपये अनुदान देय है।

  5. पैक हाऊस:-

इस योजनान्तर्गत सब्जी/फलोत्पादन करने वाले कृषकों को 9ग्6 मीटर आकार के पैक हाऊस के निर्माण पर इकाई लागत का 50 प्रतिषत या अधिकतम 200000/- रूपये अनुदान देय है।

  6. वर्मीकम्पोस्ट इकाई:-

इस योजनान्तर्गत सब्जी/फलोत्पादन करने वाले कृषकों को वर्मीकम्पोस्ट इकाई के निर्माण पर इकाई लागत का 50 प्रतिषत या अधिकतम 50000/- रूपये अनुदान देय है।

  7. मधुमक्खी पालन:-

इस योजनान्तर्गत मधुमक्खी पालन करने वाले कृषको बढावा देने हेतु 8 फर्मो वाली काॅलोनी की लागत 2000 रूपये का 40 प्रतिषत अनुदान देय है। एक कृषक को अधिकतम 50 काॅलोनी पर अनंुदान देय है ।

  8. मशरूम उत्पादन:-

इस योजनान्तर्गत मशरूम खेती को बढावा देने हेतु मशरूम उत्पादन, स्पाॅन एवं कम्पोस्ट इकाई हेतु अनुमानित लागत क्रमषः 20 लाख, 15 लाख एवं 20 लाख का 40 प्रतिशत क्रेडिट लिंक बैंक एन्डेड अनुदान देय है। एक कृषक को अधिकतम 50 काॅलोनी पर अनुदान देय


कृषि विभाग द्वारा कृषकों को देय सुविधाएं



राज्य सरकार द्वारा कृषि की उन्नत तकनीकी अपनाने व उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि कर आमदनी बढ़ाने के लिए केन्द्रीय व राज्य योजनायें संचालित की जा रही है। जिनके तहत विभाग द्वारा कृषकों को देय सुविधाओं का विवरण निम्नानुसार हैः-

1. जल प्रबंधन



  1.  डिग्गी निर्माण:-

कृषक द्वारा न्यूनतम चार लाख लीटर एवं इससे अधिक क्षमता की डिग्गी निर्माण करने पर लागत का 75 प्रतिषत(25 प्रतिषत टाॅप अप सहित) अथवा अधिकतम 3.00 लाख रूपये जो भी कम हो अनुदान देय है। यह योजना नहरी सिंचित क्षेत्र में लागू है।

  2. खेत तलाई निर्माण(फार्म पौण्ड):-

कृषक द्वारा न्यूनतम 600 घन मीटर एवं इससे अधिक आकार के कच्चे फार्म पौण्ड निर्माण पर लागत का 60 प्रतिशत(10 प्रतिषत टाॅप अप सहित) अथवा अधिकतम 63000 रू. तथा प्लास्टिक लाईनिंग फार्म पौण्ड निर्माण पर लागत का 60 प्रतिषत(10 प्रतिषत टाॅप अप सहित) अथवा अधिकतम 90000 रू. जो भी कम हो अनुदान देय है।

  3. जलहौज निर्माण:-

कृषक द्वारा न्यूनतम 1.00 लाख लीटर भराव क्षमता के जल हौज निर्माण पर लागत का 60 प्रतिशत(10 प्रतिशत टाॅप अप सहित) अथवा अधिकतम 90000 रू. जो भी कम हो अनुदान देय है।

  4. पाईपलाईन:-

लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 50 रू. प्रति मीटर एचडीपीई पाईप या 35 रू. प्रति मीटर पीवीसी पाइप या 20 रू. प्रति मीटर एच.डी.पी.ई. लेमिनेटेड ले-फ्लेट ट्यूब पाइप अथवा अधिकतम 15000 रू. प्रति इकाई जो भी कम हो अनुदान देय है।

  5.  मोबाईल रेनगन:-

एन.एफ.एस.एम. योजनान्तर्गत लागत का 50 प्रतिषत या 15000 रू. प्रति इकाई जो भी कम हो अनुदान देय है।

  6.  फव्वारा संयंत्र कार्यक्रम:-

एन.एफ.एस.एम.योजनान्तर्गत लागत का 50 प्रतिषत या 10000 रू. प्रति हैक्टर, जो भी कम हो अधिकतम 2 हैक्टर तक अनुदान देय है।

2. कृषि विषय में अध्ययनरत छात्राओं को प्रोत्साहन राषि:-

  •  10+2(सीनीयर सैकण्डरी):- 5000 रू. प्रति वर्ष।
  •  कृषि स्नातक एवं स्नातकोत्तर:- 12000 रू. प्रति वर्ष।
  •  पी.एच.डी.:- 15000 रू. प्रति वर्ष।



3. कांटेदार तारबन्दी पर अनुदान:-

अधिकतम 400 मीटर की सीमा तक लागत का 50 प्रतिषत अथवा अधिकतम राषि 40000 रू. जो भी कम हो अनुदान देय है। 400 मीटर से कम की लम्बाई की तारबन्दी पर अनुदान राषि की गणना आनुपातिक आधार पर की जाकर अनुदान देय है। तारबन्दी सामुदायिक आधार पर न्यूनतम 5 हैक्टर क्षेत्र में कम से कम 3 किसान होने चाहिए।



4. यंत्रीकरण(ट्रेक्टर/पावर ऑपरेटेड यंत्र):-

  •  सीड ड्रिल/सीड कम फर्टीलाइजर ड्रिल/डिस्क प्लाउ/डिस्क हैरो:-मूल्य का 40 प्रतिशत या अधिकतम 12000-15000 रू. जो भी कम हो।
  •  रोटावेटर:- मूल्य का 40 प्रतिषत या अधिकतम 28000-35000 रू. जो भी कम हो।
  •  मल्टीक्राॅप थ्रेसर/ट्रेक्टर ऑपरेटेड रिपर:- मूल्य का 40 प्रतिशत या अधिकतम 16000-50000 रू. जो भी कम हो।
  •  चिजलर/चिजलर प्लाउ:- मूल्य का 40 प्रतिशत या अधिकतम 16000-50000 रू. जो भी कम हो।


5. वृक्ष जनित तिलहन (पौधारोपण):-

पौधारोपण हेतु नीम पर प्रति हैक्टर 17000 रू., जोजोबा पर 35000 रू., जेट्रोफा पर 41000 रू., करंज पर 20000 रू.ख् महूआ पर 15000 रू. एवं जैतून पर 48000 रू. प्रति हैक्टर का अनुदान देय है। इस दौरान पौधों के संरक्षण हेतु नीम, करंज एवं महुआ हेतु दूसरे वर्ष से 2000 रू. तथा जोजोबा, जैतून एवं जेट्रोफा हेतु 3200 रू. प्रति हैक्टर प्रति वर्ष अनुदान देय है।



6. गुण नियंत्रण(उर्वरकों की जांच):-

राज्य में स्थित उर्वरक व बीज परीक्षण प्रयोगषालाओं में कृषकों के द्वारा भेजे गये बीज व उर्वरक नमूनों की जांच निःषुल्क की जाती है।



7. फसल बीमा (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना):-

  •  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ मौसम में 2 प्रतिषत व रबी मौसम में 1.5 प्रतिषत तथा वाणिज्यिक फसलों हेतु 5 प्रतिषत कृषक प्रीमियम राषि रखी गयी है।
  •  फसल बीमा योजना ऋणी कृषकों के लिए अनिवार्य तथा गैर ऋणी कृषकों के लिए स्वैच्छिक है।
  •  बीमित किसान यदि प्राकृतिक आपदा के कारण बुवाई नहीं कर पाता है तो यह जोखिम में शामिल है, उसे दावा राषि मिल सकेगी।
  •  ओले गिरना, जल भराव और भू-स्खलन से नुकसान होने पर खेतवार नुकसान का आंकलन कर दावा राषि प्रदान की जायेगी।
  •  फसल कटने के 14 दिन तक यदि फसल खेत में हैं और इस दौरान चक्रवात या बेमौसम वर्षा से नुकसान होता है तो किसानों को दावा राषि मिल सकेगी।
  •  इस योजना के तहत बीमा इकाई क्षेत्रीय दृष्टिकोण आधार पर पटवार व तहसील स्तर पर लागू की है।



8. जिप्सम वितरण कार्यक्रम:-

जिलेवार निर्धारित प्रति मैट्रिक टन दर का 50 प्रतिषत अनुदानित दर पर किसानों को जिप्सम उपलब्ध करवाया जा रहा है।

(अ) क्षारीय भूमि सुधार:- जिप्सम का उपयोग मृदा सुधारक के रूप में मिट्टी की जांच रिपोर्ट में जिप्सम की आवष्यक मात्रा(जी.आर.वैल्यू.) के अनुसार अधिकतम 5 मैट्रिक टन प्रति हैक्टर प्रति कृषक अधिकतम 2 हैक्टर तक अनुदान देय है।

(ब) पोषक तत्व के रूप में:-(एन.एफ.एस.एम. तिलहन/दलहन व गेहूं) कृषकों को पोषक तत्व तत्वों के रूप में 250 किलो प्रति हैक्टर की दर से अधिकतम 2 हैक्टर हेतु अनुदान देय है।



9. मृदा परीक्षण कार्यक्रम:-

(अ) साॅयल हैल्थ कार्ड योजना(स्वस्थ धरा-खेत हरा)

  1.  सिंचाई क्षेत्रों में 2.5 हैक्टर तथा असिंचित क्षेत्रों में 10 हैक्टर इकाई क्षेत्र से एक संयुक्त प्रतिनिधित्व नमूना।
  2.  एकत्रित नमूनों में मुख्य व सूक्ष्म पोषक तत्वों की जांच।
  3.  नमूनों की जांच-विभागीय मृदा परीक्षण प्रयोगषालाओं एवं आउट सोर्स के माध्यम से कराया जा रहा है।
  4.  साॅयल हैल्थ कार्ड- आॅनलाईन साॅफ्टवेयर के माध्यम से कम्प्यूटराईज्ड साॅयल हैल्थ कार्ड इकाई क्षेत्र की सभी कृषि जोत के अनुसार किसानों को निःषुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

(ब) सामान्य मृदा परीक्षण

  •  मुख्य एवं सूक्ष्म पोषक तत्व, पानी के नमूने की जांच, क्षारीय एवं लवणीय नमूनों की जांच, जिप्सम आवष्यकता की मात्रा हेतु जांच प्रत्येक प्रति नमूना राषि 5 रू. है।

10. कृषि वानिकी सबमिशन:-

मिशन अन्तर्गत किसानों को खेत की मेड पर या खेत में कम या सघन घनत्व के वृक्षारोपण करने एवं नर्सरी विकास हेतु किसानों को छोटी नर्सरी, बड़ी नर्सरी व हाईटेक नर्सरी पर इकाई लागत का 50 प्रतिशत अनुदान देय है। कृषक की पैतृक भूमि में शामलाती हिस्सेदारी भू-स्वामित्व जमाबंदी के आधार पर अनुदान सहायता देय होगी।

अनुदान सहायता

  •  खेतों की सीमा(मेड) पर वृक्षारोपण करने पर लागत का 50 प्रतिषत या अधिकतम 35/- रू. प्रति पौधा देय होगा, जिसमें कम से कम 50 पौधे लगाना अनिवार्य होना।
  •  कृषि भूमि पर कम घनत्व का वृक्षारोपण 100 से 500 पौधे लगाने पर प्रति पौधा 28/-रू. अधिकतम 14000/- रू. अनुदान सहायता देय होगा।
  •  कृषि भूमि पर उच्च घनत्व का वृक्षारोपण 500 से 1000 पौधे(3ण्50ग3ण्50 डजतण्) लगाने पर प्रति पौधा 15/-रू. अधिकतम 15000/-रू अनुदान सहायता देय होगी।
  •  कृषि भूमि पर उच्च घनत्व का वृक्षारोपण 1000 से 1200 पौधे(3ग3 डजतण्)
  •  कृषि भूमि पर उच्च घनत्व का वृक्षारोपण 1200 से 1500 पौधे(2ण्50ग2ण्50 डजतण्) लगाने पर प्रति पौधा 15/-रू. अधिकतम 22500/-रू. अनुदान सहायता देय होगी।
  •  कृषि भूमि पर उच्च घनत्व का वृक्षारोपण 1500 से अधिक पौधे(2ण्50ग2ण्50 डजतण्) लगाने पर प्रति पौधा 16.66 अधिकतम 25000/-रू. अनुदान सहायता देय होगी।वृक्षारोपण गतिविधियों में अनुदान सहायता आगामी 4 वर्षों में वर्षवार 40ः20ः20ः20 के अनुपात में देय होगी।


कृषि वानिकी अन्तर्गत लगाये जाने वाले पौधों का प्रकार-

1. फलदार वृक्ष- जामून, बेलपत्र, अमरूद, लसोड़ा, गून्दा, निम्बू, करोंदा, बैर, शहतूत, अनार, आंवला इत्यादि।

संकलनकत्र्ता: तेजोदय कृषि कमेटी

2. छायांदार वृक्ष- बड़, पीपल, सेंजना, नीम, सिरस इत्यादि।

3. इमारती लकड़ी- षिषम, बबूल, रोहिड़ा, मलेषिया टीक इत्यादि।

4. चारे वाले वृक्ष- खेजड़ी, अरडू, बकेंन इत्यादि।

5. अन्य- कुमठा, अमताष, कचनार, गुलमोहर, अषोक इत्यादि।



11. कृषकों को पुरस्कार(आत्मा योजना/राज्य योजना):-

  1.  राज्य स्तरीय (02 नवाचारी कृषक) 50,000 रू. प्रति कृषक पुरस्कार देय है।
  2.  जिला स्तरीय (64 नवाचारी कृषक) 25,000 रू. प्रति कृषक पुरस्कार देय है।
  3.  पंचायत समिति स्तरीय (524 नवाचारी कृषक) 10,000 रू. प्रति कृषक पुरस्कार देय है।
  4.  जैविक खेती पुरस्कार (3 राज्य स्तरीय कृषक) 1,00,000 रू. प्रति कृषक पुरस्कार देय है।


12. विस्तार प्रशिक्षण(आत्मा) अन्तः/अन्तर्राज्यीय कृषक भ्रमण:-

5 से 7 दिवसीय भ्रमण इसके अन्तर्गत कृषकों को कृषि की उन्नत तकनीक की जानकारी एवं देखकर सीखने के उद्देश्य से भ्रमण करवाया जाता है ताकि उनकी कम खर्च में आय बढ़े एवं कृषि के उन्नत व नवीनतम तरीके अपनाये जा सकें। प्रतिभागियों की संख्या 40-50 प्रगतिषील महिला/पुरूष कृषक।



Rajasthan Farmer Scheme की विभिन्न योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:-

1. ऑनलाईन आवेदन पत्र मय रसीद।

2. आवेदन-पत्र मय प्रमाणित फोटो।

3. कृषक पहचान पत्र- जन आधार कार्ड व आधार कार्ड।

4. जमाबन्दी या पासबुक ।

5. सिंचाई का स्रोत कुआं/ट्यूबवैल/फार्मपोण्ड आदि।

6. सिंचाई का साधन बिजली का बिल/इंजन/सोलर पम्प संयंत्र आदि।

7. कृषक हिस्सेदारी का प्रमाण-पत्र श्रेणी (लघु/सीमान्त/सामान्य)(संबंधित पटवारी/तहसीलदार से)

8. कृषक का शपथ-पत्र सादे कागज पर।

नोट:-

1. समस्त योजनाओं का लाभ पहले आवो पहले पावो के आधार पर है।

2. समस्त योजनाओं का लाभ लेने के लिए स्थानिय कृषि एवं उद्यान कार्यालय में सम्पर्क करे।

3. समस्त योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन पत्र आॅनलाईन करना अनिवार्य है।

4. Rajasthan Farmer Scheme की विस्तृत जानकारी के लिए सरकारी वैबसाइट पर जाने के लिए ← पर देखे।





Rajasthan Farmer Scheme Compilation